रायपुर। राज्य के प्रशासनिक कार्यालयों कार्यालयों में बढ़ते पेंडिंग वर्क और उसके समाधान सरकारी विभागों के काम और एकाउंटेबिलिटी के लिए राज्य के मुख्य सचिव को जिला पंचायत और योजना समिति की सदस्य प्रज्ञा निर्वाणी ने पत्र लिखा है,अपने पत्र में उन्होंने उल्लेखित करते हुए मांग की है कि चूंकि प्रदेश के किसान हितैसी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकारी काम काज और कार्यालयों के लिए सप्ताह में 5 दिवसीय कार्यालयीन कैलेंडर लागू किया है,
ताकि सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के कार्यालयीन दबाव को कम किया जा सके और उनके कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सके,यह एक बहुत ही स्वागतेय कदम एक सवेंदनशील मुख्यमंत्री होने के नाते उनके इस कदम की जितनी सराहना की जाए कम है,
प्रज्ञा निर्वाणी ने अपने पत्र में लिखा है कि मुख्यमंत्री जी के सोच को आगे बढ़ाते हुए यह सुझाव है कि राज्य भर के सरकारी दफ्तरों में चूंकि पेंडिंग कार्य बढ़ता जा रहा है,तो क्यों न अधिकारी कर्मचारियों के लिए दैनिक डायरी अनिवार्य कर दिया जाए जिसमे उनके ऑफिस में किये गए दिन भर के काम का उल्लेख हो,कौन अधिकारी क्या काम किये हैं यह सार्वजनिक होने की जरूरत है,आम जनता के टैक्स से अधिकारियों कर्मचारियों को वेतन भुगतान मिलता है,जनता को यह जानने का हक़ है और मिलना भी चाहिए,कि वो जान सकें कितना काम हो रहा है, इस हेतु कलेक्ट्रेट, एस डी एम कार्यालय,तहसील ,जनपद, जिला पंचायत में अधिकारी कर्मचारी के कक्षों में सी सी टी वी कैमरा हो और इसका डिस्प्ले बोर्ड बाहर हो, जिसमें लोग देख सकें वहां उनके अधिकारी कर्मचारी के कक्षों की कार्यवाही से अवगत हो , प्रज्ञा निर्वाणी ने कहा कि
मैंने देखा है कई कर्मचारी अपने कक्ष में घंटों मोबाइल से बात करते हैं,गप मारते हैं और काम से आये हुए लोगो को यहां तक कि जनप्रतिनिधियों को घंटो प्रतिक्षा करना पड़ता है,
मेरा सुझाव है इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अगर कदम उठाया जाए तो
पेंडिंग काम ही नही बचेंगे ,उनका निपटान जल्दी होगा और कार्यालयीन समय का राज्य और राष्ट्र के हित में सदुपयोग होगा,
प्रज्ञा निर्वाणी की इस मांग का जिला पंचायत सदस्य शुशीला जोशी और सदस्य बाल कुमारी ध्रुव ने भी समर्थन करते हुए कहा यह बड़ा सुधारवादी कदम होगा ,आम जनता के मन मे
कार्यपालिका के प्रति विश्वसनियता बहाली का बड़ा प्रयास है…

