रायपुर । तुहर महापौर, तुहर द्वार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें आप एक दिन में दो वार्डो में जाकर वहां के लोगों से समस्यायें सुनेंगे तथा संबंधित जोन के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। महापौर रायपुर शहर के सभी 70 वार्डो के पार्षद चाहे वे किसी भी दल के हो सभी बहुत ही सक्रिय एवं जनता के संपर्क में रहते है वे लगातार जनता की समस्याये सुनते है मगर फंड की कमी एवं निगम अधिकारियों की उदासीनता के कारण, जनता के आक्रोश का सामना करते है। “तुंहर सरकार, तुहर द्वार” चूंकि आपके परिषद का पहला आयोजन था, जनता एवं पार्षदगण बहुत उम्मीद से उस शिविर में आकर अपने समस्यायें एवं आवेदन बताने पर सभी को निराशा ही हाथ लगी।
मेरे वार्ड में भी आयोजित “तुहर सरकार, तुहर द्वार” शिविर में आम जनता ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। मैनें स्वयं उस शिविर का प्रचार कर आम लोगो को बुलाया। वार्ड की आमजनता द्वारा बड़ी संख्या में शिकायत एवं आवेदन किया गया मेरे स्वयं के द्वारा विकास कार्य के अनेक प्रस्ताव दिये गये जिनकी कुल संख्या 113 रही, इनमें मुश्किल से 2-4 प्रकरण को छोड़कर बाकी में कोई विचार नहीं किया गया अनेक विकास कार्यों के प्रस्ताव मैने व्यक्तिगत प्रयास करके जोन के अधिकारियों से तैयार किये परन्तु सभी आज तक घुल खा रही है।
महोदय, ऐसे में फिर से आपके द्वारा वार्डो में जाकर “तुहर महापौर तुहर द्वार कार्यक्रम मुझे आमजनता के साथ बेमानी लग रही है। मेरा व्यक्तिगत सुझाव है कि पुराने प्रस्तावों पर कुछ काम करके तथा वार्डो में जाकर नये मांगो एवं प्रस्तावों पर 20-30 लाख रू. की स्वीकृति देने की स्थिति में होने पर ही यह कार्यक्रम प्रारंभ करें।
महापौर, एक पार्षद की पीड़ा आप भलीभांति समझते है चूंकि आप भी एक पार्षद से ही महापौर है। मुझे पूरी उम्मीद है कि आप इस पर गंभीरता से विचार करेंगे।

