छत्तीसगढ़

माफियाओं के ऊपर कार्यवाही होती है तो भाजपा नेता उनके बचाव में क्यो आते है? ये रिश्ता क्या कहलाता है

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रायपुर। पूर्व पीडब्ल्यडी मंत्री एवं भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व के रमन सरकार सरकार ने रेत का माफियाकरण और शराब का सरकारीकरण किया था। नदियों की गहराई और पाट की चौड़ाई रमन भाजपा शासन काल के रेत तस्करी की गवाही दे रही है। 15 साल के भाजपा शासनकाल में रेत माफिया, भू माफिया, कोल माफिया, ड्रग्स तस्कर, मानव तस्कर, गांजा तस्कर बेरोकटोक बेखौफ होकर अवैध कार्यों को अंजाम तक पहुंचाते थे और बदले में मोटी कमीशन भाजपा नेताओं को चढोत्तरी चढ़ाते थे। रेत के खेल में भाजपा के बड़े नेताओं के साथ रमन के दौरान के मंत्रियों की भी बड़ी भूमिका रही है उस दौरान कई बार हथियार भी लहराये जाते रहे है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने रमन राज में आरएसएस भाजपा नेताओं के संरक्षण में फले फुले माफियाओं को सलाखों के पीछे भेज कर 15 साल के माफियाराज का अंत किया है। मानव तस्करी ड्रग तस्करी गांजा तस्करी शराब तस्करी रेत माफिया कोल माफिया मे शामिल माफियाओं को जेल के पीछे भेजा है और इन माफियाओं का सीधा संबंध भाजपा के बड़े नेताओं के साथ रहा है। देश में जिस राज्य में भाजपा की सरकार है उस राज्य में माफियाओं का बोलबाला है । मोदी और शाह का गृह राज्य गुजरात जहां भाजपा की सरकार है अभी कुछ दिन पहले बड़ी मात्रा में लगभग 3000 किलोग्राम हीरोइन अदानी के पोर्ट में पकड़ाया था उसके बाद फिर ड्रग्स पकड़ाए थे मध्यप्रदेश में शराब तस्करी गांजा तस्करी मानव तस्करी चरम सीमा पर है उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गोवा, आसाम, भी माफियाओं के चंगुल में है इससे समझ में आता है कि जहां जहां भाजपा है वहां वहां माफियाओं का राज है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार जब भी माफियाओं के ऊपर कार्यवाही करती है माफियाओं के ऊपर शिकंजा कसा जाता है तब भाजपा नेताओं के पेट में दर्द क्यों होता है ? भाजपा के नेता माफियाओं को बचाने के लिए सामने क्यों आते हैं? भाजपा नेताओं को बताना चाहिए माफिया और उनके बीच में क्या गठबंधन है?

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व के रमन सरकार के दौरान रेत से राज्य सरकार को मात्र 15 करोड़ का राजस्व मिलता था मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने रेत खदानों का जब ठेका किया तब यह राशि बढ़कर 100 करोड़ के करीब पहुंच गई है। 2,000 से अधिक प्रकरण रेत तस्करों के ऊपर बनाए गए हैं। रेत माफियाओं पर अंकुश लगाया गया है।

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