
वाराणसी. ज्ञानवापी ऋंगार गौरी मामले में बड़ा फैसला आया है. वाराणसी जिला कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाया है. अदालत ने अर्जी को सुनने योग्य माना है. इस मामले में 2 दिसंबर को अब अगली सुनवाई होगी. वहीं ज्ञानवापी केस में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है. सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में किरन सिंह की तरफ से दाखिल याचिका को सुनवाई योग्य माना है. इस मामले में बीते 15 अक्टूबर को ही अदालत में दोनों पक्षो की दलीलें पूरी हो गई थीं. मामले में याचिकाकर्ता किरन सिंह की तरफ से मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित करने, परिसर हिंदुओं को सौंपने और शिवलिंग की पूजा पाठ राग भोग की अनुमति मांगी गई थी. अब कोर्ट मामले में दो दिसंबर को फिर सुनवाई करेगा.
बता दें कि 24 मई को वाराणसी की ड्रिस्ट्रिक्ट कोर्ट में विश्व वैदिक सनातन संघ के महासचिव और मामले में वादी किरण सिंह ने याचिक दायर कर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने और ‘शिवलिंग’ की पूजा करने की अनुमति मांगी थी. केस में दोनों पक्षों की दलीलें सुन अदालत ने 27 अक्टूबर को 8 नवंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित कर लिया था. ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि परिसर की भीतर शिवलिंग है. मुस्लिम पक्ष ने बताया कि शिवलिंग जैसा दिखने वाला ढांचा वजूखाना के अंदर एक फव्वारा है, जहां नमाज पढ़ने से पहले वजू किया जाता है.






