
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष अमित साहू ने छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर देश में सबसे कम होने की खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि भूपेश बघेल के फर्जीवाड़े को गहराई से समझने की जरूरत है। इनके आंकड़ों की सूक्ष्म जांच जरूरी है क्योंकि भूपेश बघेल विधानसभा में कुछ स्वीकार करते हैं और रेडियो और विज्ञापन में कुछ और कहते हैं। लगता है कि इनकी इसी जालसाजी और चालबाजी से असल हालात सामने नहीं आ सके हैं।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में न रोजगार मिल रहा है और न ही बेरोजगारी भत्ता। भूपेश बघेल ने रेडियो पर और विज्ञापनों में दावा किया था कि उन्होंने 3 साल में 5 लाख युवाओं को नौकरी दे दी है लेकिन विधानसभा में उन्होंने स्वीकार किया की सिर्फ 20 हजार नौकरियां दी हैं। कांग्रेस ने तो भूपेश बघेल के खोखले दावे को सही ठहराने के लिए मनरेगा के रोजगार तक को आंकड़ों में जोड़ दिया था। लगता है कि इसी तरह की कलाकारी बेरोजगारी दर को एकदम कम बताने के लिए दिखाई गई है। उनके आंकड़ों की गहराई से जांच की जानी चाहिए और छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की वास्तविक स्थिति सामने आना चाहिए।






