
रायपुर / इस सदी में कई बिमारियाॅ उभर कर सामने आयी है ,उसमे से एक है मधुमेह, कोरोना काल से ये और तीव्रता से बड़ रहा है । डब्ल्यू एच ओ के अनुसार विश्व मे लगभग 422 मिलियन मधुमेह के रोगी है, जब पेनक्रियास मे इन्सुलिन का उत्पादन कम या बंद हो जाता है जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढने लगता है इस रोग के प्रारम्भिक लक्षण मूत्र ज्यादा लगना,प्यास ज्यादा लगना,भुख ज्यादा लगना,वजन घटाने या बढना ।
मुख्यतः इस रोग के तीन प्रकार है टाइप 1टाइम 2 एवं जुवेनाइल डाइबिटीज ।
इस रोग के लक्षणों को कम करने के लिए उचित भोजन पर्याप्त नींद अच्छी जीवन शैली,वजन पर नियन्त्रण , का होना बहुत जरूरी है, खानपान का इस रोग मे बहुत योगदान है, इस रोग मे कम वसा युक्त कम शर्करायुक्त लिन प्रोटीन युक्त भोजन आवश्यक है भोजन मे फाइबर युक्त मल्टी ग्रेन अनाज, दाल कम मीठे फल हरी सब्जियां बीन्स सीडस बादाम अखरोट यदि मांसाहारी है तो अण्डे चिकन को सम्मिलित करना चाहिए
खडे मसाले मेथिदाना दालचीनी एव आवला का चूर्ण प्रतिदिन खाने से इन्सुलिन का उत्पादन बड़ता है किन्तु गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नही करना चाहिए क्यौंकि ये गर्म होता है ,मुनगे की पत्ती तुलसी की पत्ती का सेवन भी रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है अलसी सुर्यमुखी कद्दू चीया बीज भी शर्करा को नियंत्रित करने सहायक है करेला का रस ये इन्सुलिन के उत्पादन को बढा देता है मेथीदाना मे फाईबर होते है ये स्टार्च के अवशोषण को धीमा कर देता है कई लोग मधुमेह होते ही फलो का सेवन बन्द कर देते है इस समय केवल हाई ग्ल्य्सेमीक इंडेक्स के फल जैसे आम सीताफल अंगूर चीकू केला आलू ,लिची ,का सेवन कम करना चाहिए अपितु अमरूद जामुन पपीता आवला बेरिज़ रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में सहायक होते है सफेद आहार जैसे शक्कर मैदा फास्ट फूड जंक फ़ूड चैनिज फूड सफेद चावल मक्का अरवी जिम्मिकंद साफ्ट ड्रिंक का सेवन बन्द कर देना चाहिए ।






