
डॉ.सारिका श्रीवास्तव , आहार विशेषज्ञ
बरसात का मौसम आते ही वातावरण में ताजगी आ जाती है, हरियाली देख कर मन प्रफुल्लित हो जाता है, किन्तु इस मौसम के सौंदर्य के साथ बहुत सी बीमारिया एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी भी ले कर आता है ,इस मौसम में जगह जगह पानी के गढढे देखे जा सकते है, पानी के जमाव के कारण मच्छर मक्खी, लार्वा पनपने लगते है, बैक्टीरिया फंगस के पनपने में मौसम की नमी बहुत सहायक होती है ,और ये सब बीमारी के विस्तार का कारण होते है ,यदि थोड़ी भी लापरवाही बरती जाये तो बीमार पड़ते देर नहीं लगती है ।
बरसात में आम तौर पर इस मौसम में वायरल फीवर ,पेट सम्बन्धी समस्या, डायरिया ,आँख आना डेंगू टाइफॉइड,मलेरिया जैसी बीमारी देखी जाती है ,इन सभी बीमारियों में खानपान उचित रखना अति आवश्यक होता है ,बरसात के दिनों में यदि बाहर का खोमचे का खाना खाते है तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है ,दूषित पानी के माध्यम से कई बीमारिया देखी जाती है ।
बरसात के मौसम की बीमारियों से बचने खानपान में रोगनिरोधक आहार सम्मिलित करना अत्यंत आवश्यक है, आहार आसानी से पचने वाला ताजा एवं पौष्टिक होना अत्यंत आवश्यक है ,आहार में सूखे मेवे जैसे बादाम अखरोट को अवश्य सम्मिलित करे, ये ऊर्जा देने साथ साथ एंटी ऑक्सीडेंट होते है ,उचित समय पर आहार नियमित करे रात का भोजन हल्का हो , आहार में बीज जैसे अलसी सूर्यमुखी कद्दू खरबूज का बीज अवश्य खाये ,वे ओमेगा फैटी एसिड से भरपूर होता है यह संक्रमण से रक्षा करते है, आहार में मौसमी फल जैसे पपीता अमरुद संतरा सेब अनार, नाशपाती अवश्य सम्मिलित करना चाहिए ,ये रोग रोधन क्षमता बढ़ाने के साथ साथ विटामिन एवं खनिज तत्व देते है ,आहार में मल्टीग्रैन मिलिटेस डालो को अवश्य सम्मिलित करना चाहिए सभी मौसमी सब्जियों को अवश्य सम्मिलित करना चाहिए ,इस मौसम में भाजियो का कम सेवन करना चाहिए क्योकि यह मौसम कीड़ो के प्रजनन का समय होता है भाजियो में कीड़े अपने अंडे लार्वा से देते है एवं बैक्टीरिया भी हरी पत्तेदार सब्जियों के माध्यम से शरीर में पहुंच सकते है ,यदि भाजी खाना भी हो तो गर्म नामक पानी से अच्छी तरह धो कर खाये ,यदि गले में खराश या कफ हो रहा हो तो कड़े का सेवन करे ,कड़ा तुलसी दालचीनी लौंग अदरक काली मिर्च एवं शहद से बनाये ,गर्भवती महिलाये इसका सेवन न करे ।
ताजा दही आहार में जरूर सम्मिलित करे,यह रोगरोधन क्षमता बढ़ाने के साथ साथ हमारे पाचन तंत्र को भी सुचारु करता है ,यदि पेट खराब हो रहा हो, तो दस्त हो तो दूध पनीर का सेवन से बचे ।
आहार में गरिष्ठ तले भुने भोजन गैस बनाने वाले आहार को नहीं सम्मिलित करना चाहिए ,पानी या तो फ़िल्टर अथवा उबाल कर पीना चाहिए ,ये साडी आहार सम्बन्धी सावधानियों से इस मौसम की परेशानियों से सुरक्षित रह कर मौसम का लुफ्त उठा सकते है






